खबरें सुपरफास्ट

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने एनडीसी अधिकारियों को दिया मंत्र: प्रशासनिक समन्वय और आपदा प्रबंधन के अनुभवों से लें सीख

भोपाल। मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने राजभवन में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (एनडीसी), नई दिल्ली के वरिष्ठ सैन्य और नागरिक अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को संबोधित किया। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि अध्ययन भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक समन्वय और संसाधन प्रबंधन के सूक्ष्म दृष्टिकोणों को आत्मसात करने का स्वर्णिम अवसर है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इस सात दिवसीय प्रवास के दौरान सूक्ष्मता से सीखने का प्रयास करें और प्रतिदिन की गतिविधियों का गहन चिंतन करते हुए भ्रमण टीप का अभिलेखन अनिवार्य रूप से करें।

प्रशासनिक समन्वय और आपदा प्रबंधन का महत्व

अध्ययन भ्रमण के दौरान प्रशासनिक गलियारों में हलचल उस समय बढ़ गई जब राज्यपाल ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के विजन को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश में सामाजिक, आर्थिक और सामरिक क्षेत्रों में हो रही क्रांतिकारी प्रगति को जमीनी स्तर पर समझना आवश्यक है। पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि यह 16 सदस्यीय दल 15 से 21 मार्च तक मध्य प्रदेश के विभिन्न ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा करेगा, जिसमें प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी सहित शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

सांस्कृतिक विरासत और विकास के आयाम

राज्यपाल ने अपनी हालिया श्रीलंका यात्रा का स्मरण करते हुए आध्यात्मिक आस्था की शक्ति पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे बौद्ध अवशेषों के दर्शन के लिए लाखों लोगों का हुजूम उमड़ा था। उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिया कि मध्य प्रदेश की धरती आदिम सभ्यता और आधुनिक प्रगति का जीवंत उदाहरण है। सांची स्तूप, भीमबेटका और खजुराहो जैसे यूनेस्को धरोहर स्थलों के साथ-साथ उज्जैन के महाकालेश्वर और इंदौर के स्वच्छता व औद्योगिक मॉडल का अध्ययन करना सैन्य और सिविल सेवा के अधिकारियों के लिए नीति-निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध हो सकता है।

प्रशिक्षण मॉड्यूल और नवाचारों का अवलोकन

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण की बारीकियों पर चर्चा करते हुए कोमोडोर सुमीत शिदौरे ने बताया कि महाविद्यालय में वर्तमान में 122 अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिन्हें 6 विशिष्ट मॉड्यूल में विभाजित किया गया है। आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी के संचालक मुजीबुर्रहमान खान ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए बताया कि अधिकारियों को प्रदेश के नवाचारों और प्रबंधकीय व्यवस्थाओं से रूबरू कराया जाएगा। राज्यपाल ने इस अवसर पर भ्रमण दल के प्रमुख मेजर जनरल पवन पाल सिंह को पारंपरिक गोंड कला की पेंटिंग भेंट कर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान किया।

अंत में, राज्यपाल ने अधिकारियों को प्रेरित किया कि वे ग्रामीण विकास और शहरी प्रबंधन में जन-भागीदारी के महत्व को बारीकी से समझें। उन्होंने कहा कि उज्जैन और इंदौर जैसे शहरों में भीड़ नियंत्रण और बड़े आयोजनों के प्रबंधन का मॉडल वैश्विक स्तर पर सराहनीय है। आभार प्रदर्शन प्रशिक्षण संचालक डॉ. अनुपमा रावत द्वारा किया गया, जिसमें उप सचिव सुनील दुबे सहित लोक भवन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह भ्रमण अधिकारियों के लिए न केवल अकादमिक बल्कि व्यावहारिक रूप से भी एक मील का पत्थर साबित होगा। #MadhyaPradesh #Governor #NDC #PublicAdministration #Training #Governance #MPNews #NationalDefenceCollege #Administration #Leadership 

संबंधित ख़बरें